Dangal movie story in hindi – दंगल कहानी

दंगल कहानी
पढ़िए दंगल की पूरी कहानी -

मूवी डिटेल्स –

डिरेक्टेड बाई – नितेश तिवारी
प्रोडूसेड बाई – आमिर खान ,किरण रओ ,सिद्धार्थ रॉय
रिटेन बाई -नितेश तिवारी ,पियूष गुप्ता ,श्रेयस जैन ,निखिल मेहरोत्रा
म्यूजिक बाई – प्रीतम
रिलीज़ डेट – २१ दिसंबर २०१६
स्टेरिंग -आमिर खान ,साक्षी तंवर ,फातिमा सना ,शैख़ ज़ायरा वसीम ,सैन्य मल्होत्रा ,सुहानी भटनागर ,अपारशक्ती खुराना ,गिरीश कुलकर्णी

पढ़िए दंगल की पूरी कहानी –

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दंगल फ़िल्म महावीर सिंह फोगाट (आमिर खान) हरियाणा के एक गाँव बलाली में स्थित एक पूर्व शौकिया पहलवान और राष्ट्रीय चैंपियन हैं। उन्हें अपने पिता द्वारा जबरदस्ती, खेल छोड़कर रोजगार करने के लिए मजबूर किया गया था। उनको पछतावा हुआ कि वह अपने देश के लिए मेडल नहीं जीत सकते। वह प्रतिज्ञा करता है कि जब उसके पुत्र होगा तब वह उसे पहलवान बनाएगा । लेकिन दुर्भाग्यवस उनके चार बेटिया होती है ,इससे महावीर सिंह उदाश हो जाता है,और सभी आशये छोड़ देता है। लेकिन जब उनकी बड़ी बेटियां गीता और बबीता अपमानजनक टिप्पणियों के बदले में दो लड़कों की पिटाई करने के बाद घर आती हैं।  तो फोगाट को उनके पहलवान बनने की उनकी क्षमता का एहसास होता है और वे उन्हें कोचिंग देना शुरू कर देता हैं।

महावीर सिंह फोगाट के कोचिंग देने के तरीके कुछ जयादा सख्त है ,जिसमे लड़कियों के छोटे बाल काटना ,सुबह जल्दी दौड़ना इतियादी शामिल है। ग्रामीणों से एक टकराव का सामना करने के बावजूद,फोगाट उनके साथ काम करने के लिए आगे बढ़ता है वह उन्हें अपने खेत की मिट्टी के गड्ढे में प्रशिक्षित कराता है। शुरू में, लड़कियों ने अपने बर्ताव के लिए अपने पिता से नाराज होती है , लेकिन जल्द ही उन्हें अहसास होता है कि उनके पिता नहीं चाहते हैं कि उनका भविष्य ख़राब हो और सब लड़कियों की तरह ही हमारी लड़किया भी गृहिणी बनें। और सभी लड़किया उत्साहित होकर ट्रेनिंग फिर से सुरु कर देती है। और कुछ समय बाद महावीर लड़कियों को कुश्ती टूर्नामेंट में ले जाते हैं जहां वे लड़कों के साथ कुश्ती कराते हैं और लड़के उन्हें हराते हैं। और उनको फोगाट अपने तरीके से कुस्ती सिखाता है। गीता आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए प्रशिक्षित करने के लिए पटियाला में राष्ट्रीय खेल अकादमी में जाने से पहले राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जूनियर और सीनियर चैंपियनशिप जीतने के लिए जाती है।

एक बार, गीता दोस्त बनाती है और उसकी कठोरता और अनुशासन की अवहेलना करने लगती है,वह रोज टेलीविजन देखती है, स्ट्रीट फूड खाती है,और अपने बालो को बड़े करती है। उसके कोच के प्रशिक्षण के तरीके ,और उसके पिता के कुश्ती के तरीके से काफी भिन्न हैं,और उसे विश्वास है कि वह श्रेष्ठ हैं। एक यात्रा के दौरान, अपने पुराने तरीको के लिए, अपने पिता को ताना मारने के बाद, वह अपनी उम्र बढ़ने और नेत्रहीन पिता को एक क्रूर बाउट में हरा देती है,बबीता, गीता से कहती है कि उसे अपने पिता की तरीको को नहीं भूलना चाहिए ,और उसे याद रखना चाहिए कि उसकी सारी सफलता का श्रेय अपने पिता को जाता है। खुद सीनियर नेशनल चैंपियनशिप जीतकर बबीता एकेडमी में गीता को फॉलो करती हैं। लेकिन गीता हर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले गए मैच में खुद को हारती हुई पाती है। इसके बाद, उसके कोच ने उसे 55 किलोग्राम से 51 किलोग्राम भार वाले मैच में खेलने के लिए अस्वासन दिया। निराश होकर,

और बबिता द्वारा मनाए जाने पर, वह अपने पिता के पास जाकर रोने लगती है, महवीर सिंह फोगाट अपने भतीजे (अपारशक्ति खुराना) के साथ पटियाला आता है और उन्हीं तरीकों का इस्तेमाल करते हुए चुपके से कोचिंग शुरू करता है,जब  इसके बारे में कोच को जानकारी मिलती है तो वह महावीर के इस हस्तक्षेप से नाराज होकर फोगाट को अकादमी से बाहर निकलने के लिए कहता है । खेल प्राधिकरण महावीर को अकादमी से बाहर और लड़कियों को अंदर जाने की अनुमति देता है। फोगाट अपनी बेटियों की सहायता जारी रखने के लिए महावीर गीता के पिछले असफल मुकाबलों के वीडियो प्राप्त करता है और उसे फोन पर उसकी त्रुटियों को सुधारने की कोचिंग देता है।

खेल में 55 किग्रा वर्ग के खिलाडी से जीत हासिल करते हुए, गीता ने फाइनल में अपना रास्ता आसान कर लिया। महावीर लगातार अपने कोच के निर्देशों का खंडन करने के लिए कहते हैं, फाइनल मैच के मुकाबले से ठीक पहले, कोच ने महावीर को एक कोठरी में बंद करने की साजिश रची। और फोगाट को एक कोठरी में बंद क्र देता है।  इधर मैच शुरू हो जाता है ,अंतिम सत्र में 1-5 से और नौ सेकंड बचे होने के बाद, वह अपने पिता द्वारा सिखाई गई सामरिक तकनीकों और 5-पॉइंटर को याद करती है जो मुश्किल होने के बावजूद असंभव नहीं था। गीता ने इसे अंतिम तीन सेकंड में अपने प्रतिद्वंद्वी पर इस्तेमाल किया। और स्कोर को अपने पक्ष में 6-5 ले लिया,इस प्रकार फाइनल मैच को जीत लिया,और इस तरह मुकाबला 2-1 से गीता ने जीत लिया। और वह खेलों में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई। और बाद में महावीर सिंह फोगाट अपने बेटियों को गले से लगते है और इस तरह उनका सपना भी पूरा हो जाता है।

 मूवी ट्रेलर-

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